Category Archives: Gayatri Mantra Sadhana

Maa Gayatri Mantra Sadhana(माँ गायत्री मंत्र साधना )

जिस प्रकार रुद्र की शक्ति रुद्राणी, इन्द्र की शक्ति इन्द्राणी, नारायण की शक्ति नारायणी है, उसी प्रकार ब्रह्म की शक्ति ब्रह्माणी अर्थात् ‘गायत्री’ है। शास्त्रों में इन्हें ‘वेदमाता’ भी कहा जाता है। इनके मंत्र एवं प्रयोग भी ब्रह्मास्त्र की भांति अमोघ हैं। जिनका समुचित प्रयोग करने पर साधक असाधारण ऊर्जा एवं शक्ति प्राप्त कर सिद्धत्व प्राप्त कर लेता है। गायत्री महिमा अकथनीय है इसलिये प्राचीन काल से ही शास्त्रों में द्विज़ज़नो के लिये गायत्री उपासना अनिवार्य कही गयी है। सतयुग में विशिष्ट गायत्री उपासक अपने तपोबल से सृष्टि का निर्माण या विनाश करने में सक्षम हुआ करते थे। इन्द्रादि प्रमुख देवता भी गायत्री उपासक के तेज का सामना करने से घबराते थे। गायत्री सिद्धि उपरान्त् साधक को वैसी ही शक्ति प्राप्त हो जाती है जैसे- इन्द्र की शक्ति वज्र है, वरुण की शक्ति पाश है, वायु की शक्ति वेग है, यमराज की शक्ति दंड है और अग्नि की शक्ति दाह है। ऐसा उच्च साधक सूर्य को भी पृथ्वी पर गिरा देने की शक्ति से सम्पन्न हो जाता है।
For Mantra diksha and any Sadhana guidance by Shri Raj Verma ji call on +91-9897507933,+91-7500292413 or email to mahakalshakti@gmail.com

Click here to download

Advertisements